Sunday, 10 May 2015

।।माँ।।


तेरे ही आँचल में पली
तेरे ही आदर्शों में ढली।


माँ तू ही मेरी जान है
और तू ही मेरा मान है।


तूने ही हर रास्ता दिखाया
रास्ता पार करना भी सिखाया।


शुक्रिया करती हूँ मैं माँ तेरा आज
पहनाने के लिए अपना प्यार का ताज।


माँ तू ही मेरी मन्नत है
और तू ही मेरी जन्नत है ।


भगवान अल्लाह से भी बढ़कर है तू
क्योंकि माँ खुद ही जगत है तू।


आर्ची अरोरा



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